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स्ट्रेस पर कैसे काबू पाएं?

स्ट्रेस पर कैसे काबू पाएं?


स्ट्रेस (Stress) या तनाव किसी भी व्यक्ति को हो सकता है।


जहां एक ओर, कुछ लोग इससे आसानी से उभर जाते हैं, वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके लिए तनाव खतरनाक बीमारी साबित हो जाती है। भारत समेत दुनियाभर में इससे पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिनमें से ज्यादातर लोग आत्महत्या भी कर लेते हैं।


‘द इकोनोमिक्स टाइम्स’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 80 प्रतिशत लोग तनावग्रस्त हैं, जिनमें से ज्यादातर लोग विशेषज्ञ से बात करने से बचते हैं।

यह वाकई काफी गंभीर स्थिति है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है इसलिए हमने इस लेख को लिखने का निर्णय किया ताकि लोगों को इससे जुड़ी आवश्यक जानकारी मिल सके।



स्ट्रेस क्या है? (What is stress? in Hindi)

स्ट्रेस से तात्पर्य शारीरिक और भावनात्मक रूप से चिंता महसूस होना है। यह भावना ऐसे किसी भी घटना या विचार से आ सकती है, जिससे किसी व्यक्ति को निराशा, गुस्सा या घबराहट महसूस हो।

तनाव मुख्य रूप से किसी चुनौती या मुश्किल भरे समय में मानव-शरीर की प्रतिक्रिया है।

हालांकि, थोड़े समय के लिए तनाव होना सकारात्मक चीज़ होती है, जो किसी व्यक्ति को किसी काम को गंभीरता से करने की शक्ति देती है, लेकिन जब यह एक सीमा से अधिक हो जाती है, तो इसका असर व्यक्ति की सेहत, ज़िदगी इत्यादि पहलूओं पर पड़ता है।


स्ट्रेस कितने प्रकार की होती है? (Types of stress in Hindi)


स्ट्रेस (Stress) या तनाव मुख्य रूप से 3 प्रकार की होती है, जो इस प्रकार हैं-


1. एक्यूट स्ट्रेस- स्ट्रेस के सामान्य रूप या प्रकार को एक्यूट स्ट्रेस (Acute stress) कहा जाता है। यह मुख्य रूप से किसी काम को करने से पहले होती है, जो किसी व्यक्ति के लिए सकारात्मक या गंभीर रवैया अपनाने के लिए प्रेरित करती है।


2. एपिस्डिक एक्यूट स्ट्रेस– इसे एक्यूट स्ट्रेस (Stress) का अगला स्तर कहा जाता है। जब किसी शख्स को एक्यूट स्ट्रेस बार-बार होता है तो उसे एपिस्डिक एक्यूट स्ट्रेस (episodic acute stress) कहा जाता है।

3. क्रोनिक स्ट्रेस– जब एक्यूट स्ट्रेस (Stress) दूर न हो और वह लंबे समय तक रहे तो उस स्थिति को मेडिकल भाषा में क्रोनिक स्ट्रेस (chronic stress) कहा जाता है।


सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)


Q1. स्ट्रेस के सामान्य संकेत क्या हैं? Ans- स्ट्रेस के सामान्य संकेतों में उदास रहना, अकेला रहना, किसी काम में दिल न लगना, गुस्सा या घबराहट महसूस होना इत्यादि शामिल हैं।


Q2. स्ट्रेस के प्रमुख कारण क्या हैं? Ans- स्ट्रेस की बीमारी मुख्य रूप से काफी सारे कारणों से हो सकती है, जिनमें पारिवारिक झगड़े होना, किसी प्रियजन की मौत होना, प्रोफशनल लाइफ में परेशानी होना इत्यादि प्रमुख हैं।

Q3. स्ट्रेस का व्यक्ति की सेहत पर क्या असर पड़ता है? Ans- स्ट्रेस का व्यक्ति की सेहत पर काफी गहरा पड़ता है। इसकी वजह से उसे काफी सारी बीमारियाँ जैसे डिप्रेशन, हाई बी.पी, हार्ट प्रॉब्लम इत्यादि होने की संभावना बढ़ जाती है।


Q4. क्या स्ट्रेस से चक्कर आते हैं? Ans- हालांकि, ऐसा कोई मामला देखने को नहीं मिला है, लेकिन स्ट्रेस कई बार सिरदर्द की वजह बन सकता है। इसकी वजह से लोगों को सिर भारी रहने की शिकायत रह सकती है।

Q5. स्ट्रेस को कैसे कम किया जा सकता है? Ans- स्ट्रेस को कम काफी सारे तरीके जैसे एक्सराइज़ करना, मनपसंद काम करना, दोस्तों से बात करना, दवाई लेना इत्यादि से किया जा सकता है।


Q6. क्या स्ट्रेस के लिए पानी पीने लाभदायक होता है?

Ans- जी हां, स्ट्रेस के लिए पानी पीना लाभदायक होता है क्योंकि यह लोगों को शांत होने में सहायता करता है। इस प्रकार, किसी व्यक्ति के स्ट्रेस महसूस होने पर पानी पीया जा सकता है।


Q7. क्या सोने से स्ट्रेस कम होता है? Ans- जी हां, सोना स्ट्रेस कम रहने का बेहतरीन तरीका है। जब हम सोते हैं, जो हमारा दिमाग रिचार्च हो जाता है, जिससे हमें तरोताज़ा महसूस होता है। इस प्रकार, स्ट्रेस को कम करने के लिए भरपूर नींद (6-8) लेनी चाहिए।


इसका समाधान हे हमारे पास


रत्न शास्त्र में 84 रत्नों का उल्लेख किया गया है और इनमें से चमत्कारिक रत्न सुलेमानी हकीक भी एक है। प्रकृति द्वारा प्रदत्त अनुपम भेंट है ये रत्न। शनि, राहु और केतु के दोष को एकसाथ दूर करने वाला यह एकमात्र रत्न है।


सुलेमानी हकीक के लाभ



सुलेमानी हकीक काले जादू और बुरी नज़र से आपकी रक्षा करता है। अगर आपको करियर या व्यापार में किसी भी तरह की परेशानी आ रही है तो आपको सुलेमानी हकीक जरूर धारण करना चाहिए।

इस रत्न को धारण करने के बाद आपके अन्दर आकर्षण पैदा होने लगता है और लोग आपको महत्व देते हैं।

अगर आपके व्यापार में बाधाएं उत्पन्न करने के लिए किसी ने जादू टोने का प्रयोग किया है तो उसे काटने के लिए आपको सुलेमानी हकीक धारण करना चाहिए। इस रत्न के प्रभाव से व्यापार में वृद्धि भी होती है।

घर में बरकत और समृद्धि के लिए भी आप इस रत्न को धारण कर सकते हैं।

शत्रुओं से छुटकारा पाने और जादू-टोने से बचाव के लिए भी सुलेमानी हकीक को पहना जाता है।

इसके अलावा अगर आपको कोई लंबी बीमारी है या आपकी सेहत ज्यादातर खराब ही रहती है तो भी आपको

सुलेमानी हकीक से फायदा होगा।



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कैसे करें धारण


शनिवार के दिन चांदी की अंगूठी में जड़वाकर सुलेमानी हकीक को मध्यमा अंगुली में धारण करें। इसे आप चांदी के लॉकेट में जड़वाकर गले में भी पहन सकते हैं। इस रत्न की सबसे खास बात यह है कि इसे कोई भी धारण कर सकता है।


सवाल और उनके जवाब


सवाल : इस रत्न को कैसे धारण करना है। जवाब : शनिवार के दिन चांदी की अंगूठी में जड़वाकर सुलेमानी हकीक को मध्यमा अंगुली में धारण करें।


सवाल : कहां से मिलेगा सुलेमानी हकीक जवाब : सुलेमानी हकीक आप Amulya Shastriji Maa KAli Vastu Jyotish से भी प्राप्त कर सकते हैं।


सवाल : क्या कोई भी राशि या लग्न का व्यक्ति इस रत्न को पहन सकता है जवाब : इस रत्न् को कोई भी धारण कर सकता है क्योंकि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है।

हमसे क्यों लें


सुलेमानी हकीक के साथ-साथ Maa Kali Vastu Jyotish के सभी रत्नों को सिद्ध पंडितों और ज्योतिषाचार्यो Amulya Shastriji द्वारा अभिमंत्रिक कर आपके पास भेजा जाएगा। इसके अलावा इस रत्न की प्रमाणिकता और क्वालिटी को सिद्ध करने के लिए इसके साथ सर्टिफिकेट भी भेजा जाएगा।



किसी भी जानकारी के लिए Call करें : 9029583242 ज्योतिष से संबधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Maa Kali Vastu Jyotish Facebook Page

सुलेमानी पत्थर को चांदी के लॉकेट में धारण करके नीले धागे में बांधकर गले में पहनें या अंगूठी भी धारण की जा सकती है। जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं। उन्हें सुलेमानी हकीक पहनना चाहिए। यह शारीरिक दुर्बलता को दूर करके शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।

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